अखिलेश यादव ने कहा— भाजपा ने संस्थानों पर कब्ज़ा कर लिया, सपा देगी सबको न्याय और सम्मान
लखनऊ, 23 अगस्त 2025 — UP Panchayat elections को लेकर समाजवादी पार्टी (सपा) ने अभी से कमर कस ली है। पार्टी ने इसे 2027 विधानसभा चुनाव का सेमीफाइनल मानते हुए छोटे-छोटे क्षेत्रीय दलों को अपने साथ जोड़ने की कवायद शुरू कर दी है। इसी सिलसिले में सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने शनिवार को लखनऊ में 65 से अधिक संगठनों के प्रतिनिधियों से मुलाकात की।
बैठक में शामिल नेताओं ने बिना शर्त समाजवादी पार्टी का समर्थन करने का ऐलान किया। इनमें अपनी जिंदगी-अपना दल, राष्ट्र उदय पार्टी, भारतीय मानव समाज पार्टी, पिछड़ा दलित विकास महासंघ और गांधीयन पीपुल्स पार्टी जैसे संगठन प्रमुख रूप से शामिल थे।
क्षेत्रीय गठजोड़ पर सपा का ज़ोर
अखिलेश यादव ने साफ़ कहा कि भाजपा ने राज्य की संस्थाओं और संसाधनों पर कब्ज़ा कर लिया है और जनता को न्याय नहीं मिल रहा है। उन्होंने वादा किया कि सपा सरकार आने पर हर वर्ग की भागीदारी सुनिश्चित होगी, रुके हुए विकास कार्य फिर से शुरू होंगे और सबको सम्मान व न्याय मिलेगा।
पार्टी सूत्रों का कहना है कि UP Panchayat elections के ज़रिए सपा अपनी जड़ें मज़बूत करेगी और विधानसभा चुनाव के लिए एक व्यापक गठबंधन खड़ा करेगी। छोटे दलों के समर्थन से ग्रामीण इलाकों में संगठनात्मक पकड़ और मजबूत होने की संभावना है।
सांस्कृतिक कार्यक्रम में दिखी गंगा-जमुनी तहज़ीब
सपा मुख्यालय पर इसी दिन सूफी संत हजरत हाजी वारिस अली शाह की याद में ‘रंग-ए-वॉरिस’ नामक सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किया गया। सूफी सेवा फाउंडेशन के संस्थापक चेयरमैन सैयद हिलाल मुजीवी रज्जाकी द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में अखिलेश यादव ने कहा कि वारिस अली शाह का पैगाम इंसानियत और मोहब्बत का है। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि गंगा-जमुनी तहज़ीब आज भी समाज को एक नई दिशा दे सकती है।
निष्कर्ष
सपा ने UP Panchayat elections को केवल स्थानीय निकाय चुनाव तक सीमित न रखकर, इसे विधानसभा 2027 के लिए सेमीफाइनल की तरह लिया है। छोटे दलों के साथ गठबंधन, सामाजिक समीकरणों की मजबूती और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के ज़रिए जनता से सीधा जुड़ाव—यह सब दर्शाता है कि पार्टी आने वाले समय में सत्ता वापसी की पूरी तैयारी कर रही है।







