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Fake Medicine Syndicate Agra: तमिलनाडु से मंगवाई नकली दवाएं, कारोबारी ने दी एक करोड़ की रिश्वत

On: August 24, 2025
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Fake Medicine Syndicate Agra: तमिलनाडु से मंगवाई नकली दवाएं, कारोबारी ने दी एक करोड़ की रिश्वत

आगरा, 24 अगस्त 2025। आगरा में Fake Medicine Syndicate Agra का भंडाफोड़ हुआ है। एसटीएफ और औषधि विभाग ने संयुक्त कार्रवाई कर नकली दवाओं के कारोबार में लिप्त कारोबारी को गिरफ्तार किया। कार्रवाई रोकने के लिए आरोपी ने टीम को एक करोड़ रुपये की रिश्वत देने का प्रयास किया, जिसे अधिकारियों ने नाकाम कर दिया।

तमिलनाडु से मंगवाया माल

एसटीएफ की पूछताछ में खुलासा हुआ कि आरोपी हिमांशु तमिलनाडु से नामी कंपनियों के नाम की एंटी एलर्जी, मधुमेह, जुकाम-खांसी और दर्द निवारक दवाएं मंगवाता था। इन पर नकली क्यूआर कोड और बैच नंबर दर्ज कर पूरे उत्तर प्रदेश और अन्य राज्यों में बिक्री की जाती थी। इसके लिए फर्जी फर्मों का भी इस्तेमाल किया जाता था।

सहायक आयुक्त औषधि, अतुल उपाध्याय ने बताया कि आरोपी ज़ायडस, सनफार्मा, ग्लैनमार्क और सनोफी समेत 10 कंपनियों के नाम का इस्तेमाल कर दवाएं मंगवाता था। दवाओं पर नकली क्यूआर कोड और बैच नंबर डालकर इन्हें पकड़ से बचाया जाता था।

एक करोड़ की रिश्वत का खुलासा

एसटीएफ और औषधि विभाग ने फव्वारा क्षेत्र के बंसल मेडिकल एजेंसी और हेमा मेडिको समेत चार गोदामों पर छापा मारा। जांच में हेमा मेडिको से 2.43 करोड़ रुपये की नकली दवाएं जब्त की गईं। कार्रवाई रोकने के लिए स्टोर संचालक ने एक करोड़ रुपये की रिश्वत देने का प्रयास किया, रकम कम होने पर इसे दोगुना करने तक की बात कही। आरोपी को रंगे हाथ पकड़ा गया और भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया।

जाल फैला 11 राज्यों में

जांच में पता चला कि नकली दवाओं का जाल उत्तर प्रदेश के अलावा हरियाणा, मध्य प्रदेश, राजस्थान, बिहार, पश्चिम बंगाल, महाराष्ट्र, पंजाब, झारखंड, छत्तीसगढ़ और हिमाचल प्रदेश तक फैला हुआ है। नशे की दवाओं और एक्सपायर्ड दवाओं को री-पैक कर अन्य राज्यों और बांग्लादेश तक सप्लाई किया जाता था। बीते 10 साल में एसटीएफ और एंटी नारकोटिक्स टॉस्क फोर्स ने लगभग 300 करोड़ रुपये की नकली दवाएं जब्त की हैं।

जीएसटी और आयकर विभाग भी जांच में

स्टेट जीएसटी ने बंसल मेडिकल एजेंसी और हेमा मेडिको के कारोबार की जांच शुरू कर दी है। जीएसटी अधिकारियों को दवा कारोबारियों द्वारा हेराफेरी की आशंका है। एक करोड़ रुपये की रिश्वत देने के मामले में अब आयकर विभाग भी जांच करेगा।

सीबीआई जांच की मांग

जिला आगरा केमिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष आशु शर्मा ने कहा कि नकली और नशे की दवाओं की कालाबाजारी से व्यापारियों की प्रतिष्ठा को बड़ा नुकसान हो रहा है। उन्होंने प्रदेश सरकार से आग्रह किया है कि दवा माफिया को पकड़ने के लिए सीबीआई जांच की जाए।