Dream 11 डील टूटी, अब नई स्पॉन्सरशिप की तलाश में बोर्ड
नई दिल्ली, 26 अगस्त 2025: एशिया कप 2025 की शुरुआत से पहले भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) के सामने बड़ा संकट खड़ा हो गया है। ऑनलाइन मनी गेम्स पर बैन लगाने वाले नए कानून के बाद Dream 11 और बोर्ड के बीच हुई टाइटल स्पॉन्सरशिप डील अचानक खत्म कर दी गई। इस फैसले के बाद टीम इंडिया की जर्सी पर अब तक का सबसे अहम सवाल यही है कि आखिर किस कंपनी का नाम नजर आएगा।
65 हजार करोड़ वाली कंपनी ने दिखाया इंटरेस्ट
रिपोर्ट्स के मुताबिक, जापान की दिग्गज ऑटोमोबाइल कंपनी Toyota Motors ने टीम इंडिया की जर्सी स्पॉन्सरशिप में रुचि दिखाई है। भारत में यह कंपनी Toyota Kirloskar नामक जॉइंट वेंचर के जरिए कारोबार करती है और पिछले वित्त वर्ष में इसने करीब 56,500 करोड़ रुपये से ज्यादा का राजस्व अर्जित किया।
अगर BCCI और Toyota के बीच करार होता है, तो यह साझेदारी भारतीय क्रिकेट के लिए आर्थिक और ब्रांडिंग दोनों स्तर पर बड़ी मानी जाएगी।
Dream 11 डील क्यों टूटी?
2023 में तीन साल की अवधि के लिए हुई Dream 11 और BCCI की डील का अंत 2026 में होना था। लेकिन नए कानून ने ऑनलाइन गेमिंग कंपनियों को झटका दिया है, जिससे उनका मूल बिजनेस प्रभावित हुआ। ऐसे हालात में Dream 11 ने खुद करार से पीछे हटने का निर्णय लिया। BCCI सचिव देवजीत साइकिया ने भी साफ कहा कि अब बोर्ड किसी भी ऑनलाइन मनी गेमिंग कंपनी से स्पॉन्सरशिप नहीं लेगा।
Toyota का क्रिकेट कनेक्शन
Toyota Motors सिर्फ भारतीय टीम ही नहीं, बल्कि अन्य देशों के क्रिकेट बोर्ड से भी जुड़ चुकी है। इंग्लैंड क्रिकेट टीम की मौजूदा टाइटल स्पॉन्सर होने के साथ-साथ कंपनी ने ऑस्ट्रेलियाई टीम के साथ भी साझेदारी की थी। ऐसे में भारतीय क्रिकेट से उसका जुड़ना कोई असंभव कदम नहीं माना जा रहा।
BCCI के पास समय कम
एशिया कप 9 सितंबर से शुरू होना है और उससे पहले बोर्ड को नया स्पॉन्सर तय करना होगा। चर्चा यह भी है कि एक बड़ी फिन-टेक कंपनी ने भी टीम इंडिया के साथ जुड़ने की इच्छा जताई है, लेकिन उसका नाम अभी सामने नहीं आया।
फिलहाल, सभी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि BCCI किस कंपनी पर भरोसा जताता है। अगर फैसला जल्द नहीं हुआ, तो भारतीय टीम एशिया कप में बिना टाइटल स्पॉन्सर के मैदान पर उतर सकती है — जो भारतीय क्रिकेट की ब्रांड वैल्यू के लिहाज से बड़ा झटका साबित होगा।











