103 टेस्ट खेलने वाले दिग्गज का भावुक खुलासा, कहा– “अब युवाओं का समय है”
नई दिल्ली, 26 अगस्त 2025: भारतीय टेस्ट क्रिकेट की रीढ़ माने जाने वाले चेतेश्वर पुजारा ने आखिरकार क्रिकेट से संन्यास ले लिया है। 103 टेस्ट और 5 वनडे मैच खेलने वाले इस भरोसेमंद बल्लेबाज ने अपने शांत स्वभाव और लंबी पारियों से भारतीय टीम को कई बार मुश्किल हालात से निकाला। अब जब उन्होंने सोशल मीडिया के जरिए अपने रिटायरमेंट का ऐलान किया, तो हर किसी के मन में यही सवाल था – आखिर इतनी लंबी पारी खेलने के बाद पुजारा ने बल्ला क्यों टांग दिया?
पुजारा का बयान: “युवाओं को देना चाहता हूं मौका”
37 वर्षीय पुजारा ने राजकोट में दिए एक इंटरव्यू में कहा कि उनका फैसला अचानक नहीं था। उन्होंने परिवार, दोस्तों और कुछ वरिष्ठ क्रिकेटरों से बात करने के बाद यह कदम उठाया। पुजारा बोले:
“किसी भी खिलाड़ी को एक दिन खेल से आगे बढ़ना होता है। मैंने सोचा कि अब युवाओं को अपनी जगह बनाने और खुद को साबित करने का समय मिलना चाहिए। इसी सोच के साथ मैंने संन्यास लेने का फैसला किया।”
उन्होंने यह भी जोड़ा कि अब वह मैदान पर बल्लेबाजी तो नहीं करेंगे, लेकिन मीडिया और क्रिकेट संबंधी अन्य कामों के जरिए खेल से जुड़े रहेंगे।
कब और कैसे हुई पुजारा की टीम से विदाई?
पुजारा को आखिरी बार 2023 वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेलते देखा गया था। उस मैच के बाद उन्हें टीम से बाहर कर दिया गया और फिर वापसी का मौका नहीं मिला। बीते दो साल से वह चयनकर्ताओं की नजर में नहीं थे।
किन गेंदबाजों को खेलना पड़ा मुश्किल?
पुजारा से जब पूछा गया कि उन्हें किन गेंदबाजों को खेलना सबसे चुनौतीपूर्ण लगा, तो उन्होंने चार दिग्गजों का नाम लिया।
- डेल स्टेन
- मोर्ने मॉर्कल
- जेम्स एंडरसन
- पैट कमिंस
पुजारा ने माना कि इन गेंदबाजों की स्पीड, सटीकता और निरंतर दबाव ने उनके करियर में कई बार परीक्षा ली।
क्रिकेट जगत की प्रतिक्रिया
पुजारा के संन्यास के ऐलान के बाद सोशल मीडिया पर प्रशंसकों और क्रिकेट एक्सपर्ट्स ने उन्हें शुभकामनाएं दीं। हर कोई इस बात पर सहमत दिखा कि पुजारा की जगह भरना आसान नहीं होगा, क्योंकि उन्होंने भारतीय टेस्ट क्रिकेट में “दीवार” की भूमिका निभाई।











