लखनऊ (26 अगस्त 2025, मंगलवार) — राजधानी लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आज मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तीन दिवसीय Rojgar Mahakumbh का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने प्रदेश के विकास और रोजगार सृजन की दिशा में उठाए जा रहे कदमों पर विस्तार से बात की।
सीएम योगी ने अपने संबोधन में कहा, “कोरोना काल में करीब 40 लाख मजदूर प्रदेश लौटे थे। उस समय हमारी सबसे बड़ी जिम्मेदारी थी कि उन्हें घर के पास ही रोजगार उपलब्ध कराया जाए। ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट’ (ODOP) योजना इसी सोच का परिणाम है। आज प्रदेश के गांव के गांव, जो कभी रोजगार के लिए पलायन को मजबूर थे, अब उन्हें अपने ही जिले में अवसर मिल रहे हैं।”
आत्मनिर्भर यूपी से आत्मनिर्भर भारत
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘वोकल फॉर लोकल’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ के आह्वान को उत्तर प्रदेश ने नई ऊंचाई दी है। उन्होंने जोर देकर कहा कि आत्मनिर्भर भारत की बुनियाद आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश है। इसी सोच के साथ लाखों युवाओं को रोजगार से जोड़ा जा रहा है।
कार्यक्रम के दौरान सीएम योगी ने युवाओं को नियुक्ति पत्र भी वितरित किए और उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया।
रोजगार महाकुंभ में 50 हजार नौकरियों का लक्ष्य
इस महाकुंभ में देश की नामी-गिरामी लगभग 100 कंपनियों ने हिस्सा लिया है, जिनमें से 50 कंपनियां सीधी भर्ती प्रक्रिया में शामिल हैं। सेवायोजन विभाग की निदेशक नेहा प्रकाश ने बताया कि महाकुंभ का लक्ष्य लगभग 50 हजार युवाओं को उनकी योग्यता और क्षमता के अनुसार नौकरी उपलब्ध कराना है।
यहां आठवीं पास उम्मीदवार से लेकर स्नातकोत्तर और डिप्लोमा इंजीनियरिंग धारकों तक सभी को अवसर मिलेगा। तीन मंचों पर एक साथ इंटरव्यू, प्लेसमेंट ड्राइव और रोजगार संवाद का आयोजन किया जा रहा है।
श्रम मंत्री का बड़ा बयान
श्रम मंत्री अनिल राजभर ने कहा, “2017 से पहले जितने कारखाने आजादी के बाद यूपी में पंजीकृत नहीं हुए थे, उससे कहीं ज्यादा कारखाने योगी सरकार के सात साल में पंजीकृत हुए हैं। यह इस बात का प्रमाण है कि सरकार युवाओं को रोजगार देने के लिए प्रतिबद्ध है।”
प्रदर्शनी और रोजगार कॉन्क्लेव
महाकुंभ में केवल भर्ती ही नहीं, बल्कि युवाओं को उद्योग जगत और सरकार की नई औद्योगिक नीतियों से भी परिचित कराया जा रहा है। प्रदर्शनी के माध्यम से प्रदेश की प्रगति, कौशल विकास मॉडल और रोजगार संभावनाओं की झलक दिखाई जा रही है। वहीं, रोजगार कॉन्क्लेव में विशेषज्ञों और इंडस्ट्री लीडर्स से सीधे संवाद का अवसर भी मिल रहा है।







