वाराणसी: पूर्वांचल से लेकर बिहार तक फैले कनेक्शन वाले Varanasi Property Dealer Murder केस में पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है। सारनाथ थाना क्षेत्र में 50 करोड़ रुपये की जमीन के विवाद से जुड़ी हत्या के मास्टरमाइंड जोगेंद्र यादव को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। आरोप है कि महेंद्र गौतम को रास्ते से हटाने के लिए जोगेंद्र ने 5 लाख रुपये की सुपारी देकर शूटर बुलवाए थे।
5 अगस्त को रची गई थी साजिश
पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि जोगेंद्र यादव ने 5 अगस्त को ही हत्या की साजिश रच ली थी। उसने जौनपुर और गाजीपुर से शूटर बुलाए, जबकि मुंगेर के मुकीम से हथियार की व्यवस्था करवाई। आरोपियों ने अरिहंत नगर इलाके में रेकी कर महेंद्र गौतम की दिनचर्या का खाका तैयार किया और यहां तक कि उनकी हत्या की ‘रिहर्सल’ भी की गई थी।
गोली मारकर की गई हत्या
घटना वाले दिन महेंद्र गौतम अपनी बाइक से ऑफिस जा रहे थे। स्पीड ब्रेकर पर धीमी हुई बाइक को तीन नकाबपोश बदमाशों ने ओवरटेक कर रोका और सिर व गर्दन पर गोलियां दाग दीं। तीन गोलियां लगते ही महेंद्र सड़क पर गिर पड़े। स्थानीय लोग तुरंत उन्हें अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
50 करोड़ की जमीन का विवाद था वजह
डीसीपी वरुणा प्रमोद कुमार के मुताबिक, जोगेंद्र यादव पहले मुंबई में प्रॉपर्टी डीलिंग करता था लेकिन कानूनी पचड़ों के चलते वहां टिक नहीं सका और बनारस आ गया। यहां सारनाथ क्षेत्र में जमीन के कारोबार में उसका महेंद्र गौतम से टकराव हुआ। सिंहपुर गांव की 4.5 बिस्वा जमीन के विवाद में उसे करीब 1.25 करोड़ का नुकसान हुआ। इसके अलावा कैलाशनाथ शुक्ला की 40 बिस्वा जमीन, जिसकी कीमत करीब 50 करोड़ थी, उसी सौदे को लेकर श्याम प्रकाश राजभर और चंदन शुक्ला से भी विवाद बढ़ा। इसी साजिश के तहत महेंद्र गौतम को खत्म करने की योजना बनाई गई।
मास्टरमाइंड की गिरफ्तारी, शूटर अब भी फरार
पुलिस के मुताबिक, जोगेंद्र यादव, चंदन शुक्ला, श्यामप्रकाश राजभर और मुकीम ने मिलकर महेंद्र गौतम को हटाने का ब्लूप्रिंट तैयार किया था। हालांकि, हत्या को अंजाम देने वाले शूटर अभी तक पुलिस की पकड़ से बाहर हैं। उनकी तलाश में वाराणसी पुलिस की कई टीमें पूर्वांचल और बिहार के अलग-अलग जिलों में छापेमारी कर रही हैं।








