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Sambhal Violence Report सीएम योगी को सौंपी गई, मस्जिद सर्वे से भड़की थी हिंसा

On: August 28, 2025
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Sambhal Violence Report

लखनऊ, 28 अगस्त 2025: उत्तर प्रदेश के संभल जिले में पिछले वर्ष हुए दंगों की जांच पूरी हो गई है। इलाहाबाद हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति डीके अरोड़ा की अध्यक्षता में गठित आयोग ने गुरुवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को अपनी Sambhal Violence Report सौंप दी। इस मौके पर सीएम के प्रमुख सचिव संजय प्रसाद और प्रमुख सचिव (संसदीय कार्य) जेपी सिंह भी मौजूद रहे।

मस्जिद सर्वे से शुरू हुआ था विवाद

24 नवंबर 2024 को संभल की एक मस्जिद में सर्वे के दौरान अचानक विवाद खड़ा हो गया था। देखते ही देखते हालात बेकाबू हो गए और हिंसा भड़क उठी। इस पूरे मामले की गहन पड़ताल के लिए तीन सदस्यीय न्यायिक जांच आयोग बनाया गया था।

आयोग की संरचना

इस आयोग की अध्यक्षता न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) डीके अरोड़ा ने की। उनके साथ उत्तर प्रदेश के पूर्व डीजीपी एके जैन और राज्य के सेवानिवृत्त अपर मुख्य सचिव अमित मोहन प्रसाद सदस्य के रूप में जुड़े थे। आयोग ने करीब नौ महीनों तक घटनास्थल का निरीक्षण किया, गवाहों के बयान दर्ज किए और प्रशासनिक अभिलेखों का अध्ययन किया।

रिपोर्ट में क्या है खास?

सूत्रों के मुताबिक, Sambhal Violence Report में न केवल 24 नवंबर की हिंसा का ब्यौरा है, बल्कि संभल जिले में पिछले दशकों से चले आ रहे सांप्रदायिक तनाव और जनसांख्यिकीय बदलावों का भी उल्लेख है। रिपोर्ट में इस बात पर चिंता जताई गई है कि यहां हिंदू आबादी में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। आयोग ने हिंसा के पीछे सुनियोजित साजिशों की भी ओर इशारा किया है।

सरकार की अगली चाल पर सबकी नजर

अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि योगी सरकार इस रिपोर्ट पर क्या कदम उठाती है। क्या साजिशकर्ताओं के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी, या केवल प्रशासनिक सुधारों पर जोर दिया जाएगा? राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह रिपोर्ट आने वाले समय में प्रदेश की सांप्रदायिक नीति और कानून-व्यवस्था पर गहरा असर डाल सकती है।