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Cheteshwar Pujara Retirement: संन्यास की घोषणा करते ही भावुक हुए पुजारा, कही दिल छू लेने वाली बातें

On: August 24, 2025
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Cheteshwar Pujara Retirement: संन्यास की घोषणा करते ही भावुक हुए पुजारा, कही दिल छू लेने वाली बातें

नई दिल्ली, 24 अगस्त 2025: भारतीय क्रिकेट के भरोसेमंद बल्लेबाज और ‘वॉल ऑफ मॉडर्न टेस्ट क्रिकेट’ कहे जाने वाले चेतेश्वर पुजारा ने आखिरकार इंटरनेशनल क्रिकेट को अलविदा कह दिया। अपने संन्यास (Cheteshwar Pujara Retirement) का ऐलान उन्होंने इंस्टाग्राम पर किया, जहां एक भावुक पोस्ट के ज़रिए उन्होंने अपने करियर के सफर को याद किया। जैसे ही पुजारा का यह संदेश सामने आया, क्रिकेट प्रेमियों की आंखें नम हो गईं और सोशल मीडिया पर उन्हें शुभकामनाओं और यादों से भरे संदेशों की बाढ़ आ गई।

Cheteshwar Pujara Retirement: राजकोट के लड़के से लेकर टीम इंडिया के ‘वॉल’ तक

पुजारा ने अपने संन्यास संदेश में लिखा—”राजकोट का एक छोटा सा लड़का, जो अपने माता-पिता के साथ सपनों को संजो रहा था, उसने कभी नहीं सोचा था कि भारतीय क्रिकेट टीम का हिस्सा बनकर इतने अद्भुत अनुभव जी पाएगा। यह खेल मुझे सिर्फ रन या रिकॉर्ड्स ही नहीं, बल्कि पहचान, उद्देश्य और सबसे अहम अपने देश का प्रतिनिधित्व करने का सौभाग्य भी देगा।”

उन्होंने आगे कहा—”भारतीय जर्सी पहनना और राष्ट्रगान गाना हर खिलाड़ी का सपना होता है। मुझे गर्व है कि मैंने इस जिम्मेदारी को पूरी निष्ठा से निभाया। लेकिन हर यात्रा का एक पड़ाव होता है और अब समय है कि मैं क्रिकेट के इस अध्याय को कृतज्ञता के साथ बंद करूँ।”

करियर का सफर और ऐतिहासिक यादें

चेतेश्वर पुजारा के 13 साल लंबे करियर में कई ऐसे पल रहे जिन्हें भारतीय क्रिकेट कभी नहीं भुला पाएगा। 103 टेस्ट मैचों में 7195 रन, 19 शतक और 35 अर्धशतक… ये आंकड़े उनकी तकनीक और धैर्य की गवाही देते हैं। उनका बैटिंग एवरेज 43.60 रहा। वह टेस्ट क्रिकेट में भारत की ओर से सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाजों की लिस्ट में आठवें स्थान पर हैं।

सिर्फ इंटरनेशनल ही नहीं, बल्कि फर्स्ट-क्लास क्रिकेट में भी पुजारा का दबदबा रहा। उन्होंने 21301 रन बनाए, जिसमें लगातार टिककर खेलने की उनकी क्षमता झलकती है। यही वजह है कि उन्हें भारतीय टेस्ट टीम का सबसे मजबूत स्तंभ माना गया।

ऑस्ट्रेलिया सीरीज – पुजारा का सुनहरा अध्याय

अगर पुजारा के करियर की सबसे यादगार सीरीज की बात की जाए, तो 2018-19 का ऑस्ट्रेलिया दौरा हमेशा सबसे ऊपर रहेगा। चार टेस्ट मैचों में तीन शतक ठोककर उन्होंने भारत को पहली बार ऑस्ट्रेलियाई धरती पर सीरीज जीताने में अहम भूमिका निभाई। उस दौरान उनकी बल्लेबाजी ने दिखा दिया कि patience और determination से भी मैच जीते जाते हैं।

फैंस और क्रिकेट जगत की प्रतिक्रिया

Cheteshwar Pujara Retirement की खबर आते ही क्रिकेट जगत में भावनाओं का सैलाब उमड़ पड़ा। पूर्व खिलाड़ियों से लेकर मौजूदा सितारों तक ने उन्हें ‘मॉडर्न वॉल’ कहा और उनकी योगदान को सलाम किया। फैंस ने सोशल मीडिया पर लिखा—”पुजारा वो बल्लेबाज हैं जिन्होंने स्कोरबोर्ड पर रन कम, लेकिन दिलों में भरोसा ज्यादा जोड़ा।”

निष्कर्ष:

चेतेश्वर पुजारा का संन्यास भारतीय क्रिकेट में एक युग का अंत है। उनकी बैटिंग सिर्फ रनों तक सीमित नहीं थी, बल्कि वह धैर्य, जज्बा और टीम के लिए कुर्बानी का प्रतीक रही। Cheteshwar Pujara Retirement के साथ ही क्रिकेट जगत ने एक ऐसे योद्धा को विदाई दी है, जिसकी जगह शायद ही कोई आसानी से भर पाए।