शिमला (26 अगस्त 2025): हिमाचल प्रदेश में बारिश ने भारी तबाही मचा दी है। मौसम विभाग के रेड अलर्ट के बीच राज्य में जगह-जगह भूस्खलन (Landslide) और जलभराव की घटनाएं हो रही हैं। सैकड़ों सड़कें ठप हो गई हैं, बिजली-पानी की आपूर्ति बाधित है और सात जिलों में आज सभी शिक्षण संस्थान बंद रखे गए हैं।
मनाली में बाढ़ का कहर, रेस्तरां-खोखे बह गए
भारी बारिश से मनाली और उसके आसपास सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है। पतलीकूहल से बाहंग तक कई इलाकों में पानी घरों और दुकानों तक घुस गया। बाहंग में एक रेस्तरां ब्यास नदी में आई बाढ़ की भेंट चढ़ गया, उसका सिर्फ गेट बचा है। वहीं 14 मील और 15 मील क्षेत्र में खोखे और शौचालय बह गए।
- मनाली-लेह मार्ग बाहंग में भूस्खलन की वजह से बंद
- कुल्लू-मनाली नेशनल हाईवे बिंदु ढाक के पास सड़क बहने से बाधित
- यातायात को लेफ्ट बैंक मार्ग से डायवर्ट किया गया
ब्यास नदी का जलस्तर खतरनाक स्तर पर पहुंच चुका है। आलू ग्राउंड के पास पानी सड़क पर बह रहा है।
इतने दिन बरसेंगे बादल, किन जिलों में अलर्ट
मौसम विभाग ने मंगलवार को चंबा और कांगड़ा में रेड अलर्ट, जबकि कुल्लू और मंडी में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। ऊना, बिलासपुर और हमीरपुर में येलो अलर्ट रहेगा।
- 29 अगस्त से 1 सितंबर तक फिर भारी बारिश की संभावना
- ऊंची चोटियों जैसे रोहतांग, बारालाचा, शिंकुला और कुगती जोत में ताजा बर्फबारी
शिमला, मंडी, कुल्लू, कांगड़ा, बिलासपुर और ऊना समेत कई जिलों में आज स्कूल-कॉलेज बंद हैं। हिमाचल विश्वविद्यालय ने भी शिक्षण कार्य स्थगित करने की अधिसूचना जारी की है।
मणिमहेश यात्रा रोकी गई, पांच लोगों की मौत
भारी बारिश ने श्रद्धालुओं की मणिमहेश यात्रा भी रोक दी है। पंजाब के चार श्रद्धालुओं की मौत हो गई, जबकि मंडी में ब्यास नदी का जलस्तर बढ़ने से मंदिर परिसर तक पानी पहुंच गया।
- दो हजार से ज्यादा श्रद्धालु बीच रास्ते में फंसे हुए हैं, जिन्हें सुरक्षित स्थानों पर रखा गया है।
- कांगड़ा के नूरपुर में 72 वर्षीय बुजुर्ग खड्ड में बह गए।
मंडी जिले में मकान जमींदोज
मंडी के बालीचौकी बाजार में जमीन धंसने से अब तक चार मकान और 22 दुकानें जमींदोज हो चुकी हैं। कई प्रभावित परिवार बेघर हो गए हैं। करोड़ों का नुकसान हुआ है और लोग सरकार से मदद की गुहार लगा रहे हैं।
पौंग डैम खतरे के निशान के करीब
लगातार बारिश से पौंग बांध का जलस्तर खतरे के निशान से केवल 1 फीट नीचे रह गया है।
- 25 अगस्त को जलस्तर 1385.21 फीट था, जो बढ़कर 26 अगस्त को 1388.90 फीट पहुंच गया।
- खतरे का निशान 1390 फीट है।
बीबीएमबी (BBMB) ने बांध से पानी छोड़ना शुरू कर दिया है, जिससे मंड क्षेत्र में खतरा और बढ़ गया है। प्रशासन ने प्रभावितों को सुरक्षित स्थानों पर भेजने और राहत कैंप की व्यवस्था करने की बात कही है।










