नई दिल्ली, 24 अगस्त 2025: Israel Hamas War के बीच गाजा पट्टी में हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं। इजरायल के हवाई हमलों और फायरिंग में शनिवार को कम से कम 51 फिलिस्तीनी मारे गए, जिनमें बड़ी संख्या में बच्चे भी शामिल हैं। अल जजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक, इजरायली सेना अब गाजा सिटी के और भीतर तक घुस चुकी है और वहां से लोगों को जबरन हटाने की योजना पर काम कर रही है।
गाजा में तबाही, भूखे-प्यासे लोगों पर हमला
इजरायल-हमास युद्ध (Israel Hamas War) थमने के कोई संकेत नहीं दिख रहे। इजरायल ने सेटलमेंट प्लान की घोषणा के बाद हमले और तेज कर दिए हैं। गाजा में बेघर और भूख से जूझ रहे लोग टेंट में रह रहे हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, शनिवार को खान यूनुस के पास विस्थापित लोगों के शिविरों पर एयरस्ट्राइक हुई, जिसमें 33 लोगों की जान गई। इसके अलावा, मानवीय सहायता लेने पहुंचे 16 और लोगों की मौत हो गई। भूख और कुपोषण से अब तक 8 लोगों की जान जा चुकी है। कुल मिलाकर गाजा में मौत का आंकड़ा 281 तक पहुंच गया है, जिनमें 114 बच्चे शामिल हैं।
संयुक्त राष्ट्र ने गाजा को घोषित किया अकालग्रस्त क्षेत्र
संयुक्त राष्ट्र ने आधिकारिक तौर पर गाजा को अकालग्रस्त घोषित कर दिया है। UN प्रमुख ने हालात को “नरक” करार दिया। गाजा सिटी और उसके आसपास की ताजा स्थिति पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता जताई जा रही है, लेकिन जमीनी स्तर पर राहत पहुंचने की संभावना बेहद कम दिख रही है।
IDF की कार्रवाई और सबरा क्षेत्र पर हमला
पीटीआई की रिपोर्ट में कहा गया है कि इजरायली टैंक सबरा इलाके में दाखिल हो गए हैं, जो जैतून क्षेत्र के पास है। सबरा में अल-अहली अस्पताल ने एक बच्चे की मौत की पुष्टि की है। लगातार बमबारी और फायरिंग से स्थानीय लोग भागने को मजबूर हैं, लेकिन सुरक्षित ठिकाना कहीं नहीं बचा।
यमन के ड्रोन अटैक की जांच
इस बीच, इजरायल की वायुसेना ने यमन से हुए हूती विद्रोहियों के ड्रोन हमले की जांच शुरू की है। हाल ही में रोक लिए गए इस ड्रोन का मलबा गिनाटोन क्षेत्र के एक घर के आंगन में गिरा। IDF यह पता लगाने में जुटा है कि क्या ड्रोन में क्लस्टर गोला-बारूद मौजूद था। हालांकि, हमले में किसी की मौत नहीं हुई, केवल मामूली चोटें आईं। तेल अवीव का बेन गुरियन एयरपोर्ट, जिसे ड्रोन खतरे के चलते अस्थायी रूप से बंद किया गया था, अब फिर से खुल चुका है।
✨ निष्कर्ष:
Israel Hamas War अब मानवीय त्रासदी में बदल चुका है। भूख, प्यास और बेघर होने की मार झेल रहे फिलिस्तीनियों पर लगातार हमले हो रहे हैं। UN के चेतावनी देने के बावजूद हालात सुधरते नहीं दिख रहे। वहीं, यमन से बढ़ते ड्रोन हमले इजरायल के लिए नई सुरक्षा चुनौती बनते जा रहे हैं।









