मेरठ, 18 अगस्त 2025। उत्तर प्रदेश के मेरठ में सेना के जवान से मारपीट मामले ने बड़ा तूल पकड़ लिया है। भूनी टोल प्लाजा पर हुई इस घटना के बाद राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने कड़ा रुख अपनाया है। घटना के बाद एनएचएआई ने टोल प्लाजा कंपनी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए ₹20 लाख का जुर्माना लगाया है और कंपनी पर भविष्य में टोल प्लाजा की बोली लगाने से प्रतिबंध लगाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
सेना के जवान से दुर्व्यवहार, वीडियो वायरल
यह मामला 17 अगस्त 2025 को सामने आया था जब मेरठ-करनाल हाइवे (NH-709A) पर भूनी टोल प्लाजा पर सेना के जवान से टोल कर्मियों ने अभद्रता की। बताया जा रहा है कि जवान को बंधक बनाकर उसकी पिटाई की गई और उसका आईडी कार्ड व मोबाइल छीन लिया गया। बचाव में आए उसके चचेरे भाई के साथ भी मारपीट की गई। इसके बाद घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिसने पूरे प्रदेश में आक्रोश फैला दिया।
NHAI की सख्त कार्रवाई
सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने और मामला राजनीतिक रंग लेने के बाद NHAI Action on Meerut Toll Plaza की घोषणा की गई। प्राधिकरण ने टोल संग्रह एजेंसी मेसर्स धरम सिंह पर ₹20 लाख का जुर्माना लगाया है। साथ ही अनुबंध समाप्त करने और भविष्य में किसी भी टोल परियोजना की नीलामी में भाग लेने से प्रतिबंधित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। एनएचएआई ने साफ कहा कि राष्ट्रीय राजमार्गों पर यात्रियों, खासकर सेना और सुरक्षा बलों के साथ दुर्व्यवहार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
राजनीतिक हलचल और विरोध प्रदर्शन
इस मामले ने राजनीतिक मोर्चे पर भी असर डाला। सरधना के पूर्व विधायक संगीत सोम धरने पर बैठ गए और टोल कर्मियों की गिरफ्तारी की मांग की। वहीं, गांव गोटका और आसपास के ग्रामीणों ने भी घटना के विरोध में जोरदार प्रदर्शन किया। बढ़ते विरोध को देखते हुए स्थानीय पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं।
NHAI का बयान
एनएचएआई ने बयान जारी करते हुए कहा,
“हम राष्ट्रीय राजमार्गों पर यात्रियों को सुरक्षित और निर्बाध यात्रा अनुभव देने के लिए प्रतिबद्ध हैं। टोल कर्मचारियों का ऐसा व्यवहार अस्वीकार्य है और भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए सख्त कदम उठाए जा रहे हैं।”







