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SSC भर्ती परीक्षा में गड़बड़ियों के खिलाफ दिल्ली में प्रदर्शन, पुलिस कार्रवाई में कई प्रदर्शनकारी गिरफ्तार

On: August 18, 2025
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SSC भर्ती परीक्षा में गड़बड़ियों के खिलाफ दिल्ली में प्रदर्शन, पुलिस कार्रवाई में कई प्रदर्शनकारी गिरफ्तार

प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि परीक्षा के आयोजन में भारी स्तर पर लापरवाही बरती गई। तकनीकी गड़बड़ियों, बार-बार परीक्षा के रद्द होने और दूरस्थ केंद्रों की अव्यवस्था से परेशान अभ्यर्थियों ने कहा कि उनकी शिकायतों की कोई सुनवाई नहीं हो रही है।

विरोध कर रहे छात्रों और कुछ कोचिंग संस्थानों के शिक्षकों ने दावा किया कि जब वे शांतिपूर्वक प्रदर्शन कर रहे थे, तब पुलिस ने लाठीचार्ज कर उन्हें जबरन हटाया। इस झड़प के वीडियो सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो रहे हैं और छात्रों के समर्थन में आवाज़ें भी उठ रही हैं।

कई स्तरों पर परीक्षा में अव्यवस्था

परीक्षा 24 जुलाई से शुरू होकर 1 अगस्त तक चलनी थी, लेकिन छात्रों के अनुसार, इस दौरान बड़ी संख्या में शिकायतें सामने आईं। कहीं परीक्षा सेंटर अचानक रद्द कर दिए गए तो कहीं सर्वर फेल हो गया। कुछ अभ्यर्थियों का कहना था कि उन्हें 400-500 किलोमीटर दूर परीक्षा केंद्रों पर भेजा गया और वहां पहुंचने पर पता चला कि परीक्षा रद्द हो चुकी है।

एक परीक्षार्थी ने बताया, “जिन कंप्यूटरों पर हम परीक्षा दे रहे थे, उनमें माउस काम नहीं कर रहे थे, सिस्टम हैंग हो रहे थे। कुछ केंद्रों की हालत इतनी खराब थी कि नीचे जानवरों के कटे हुए अंग पड़े थे, और विरोध करने पर बाउंसर बुला लिए गए।”

परीक्षार्थियों का कहना है कि SSC के अधिकारियों ने खुद स्वीकार किया है कि अब तक उन्हें इस परीक्षा को लेकर 55,000 से अधिक शिकायतें प्राप्त हो चुकी हैं। जब 3 लाख उम्मीदवारों में से इतनी बड़ी संख्या में असंतोष हो, तो यह स्पष्ट संकेत है कि व्यवस्थाएं बुरी तरह लड़खड़ा चुकी हैं।

SSC की भूमिका और मौजूदा संकट

स्टाफ सेलेक्शन कमीशन (SSC) एक केंद्रीय संस्था है जो केंद्र सरकार के विभिन्न विभागों में ग्रुप B और C के पदों के लिए भर्ती करती है। इसकी स्थापना 1975 में हुई थी और इसका मुख्यालय दिल्ली में है। पिछले कुछ वर्षों से TCS जैसी प्रमुख आईटी कंपनियां SSC परीक्षाओं का संचालन कर रही थीं, लेकिन हाल ही में सरकार ने एक नया सेंट्रलाइज्ड परीक्षा प्रणाली लागू की है।

इस नई प्रणाली के तहत पहली बार परीक्षा आयोजित की गई, और उसी में तकनीकी दिक्कतों और अव्यवस्थाओं का अंबार लग गया। अब जब 13 अगस्त से SSC CGL (कंबाइंड ग्रेजुएट लेवल) परीक्षा में लगभग 30 लाख परीक्षार्थी शामिल होंगे, तो सवाल यह उठता है कि क्या यह नया सिस्टम इतनी बड़ी परीक्षा का भार संभाल पाएगा?

क्या मांग रहे हैं प्रदर्शनकारी?

प्रदर्शन कर रहे छात्रों और शिक्षकों की प्रमुख मांगें हैं:

  • पोस्ट फेज-13 परीक्षा की निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच कराई जाए
  • परीक्षा की पुनरावृत्ति कराई जाए
  • तकनीकी खामियों की जिम्मेदारी तय की जाए
  • शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वाले छात्रों पर पुलिस कार्रवाई की जांच हो