नई दिल्ली, 24 अगस्त 2025। बिहार विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक सरगर्मी तेज़ हो गई है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी जहाँ “वोटर अधिकार यात्रा” निकाल रहे हैं, वहीं महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) के अध्यक्ष राज ठाकरे ने एक बड़ा बयान देकर चुनावी बहस को और गर्मा दिया है। ठाकरे ने दावा किया कि बीते 10 वर्षों से व्यवस्थित रूप से वोट चोरी हो रही है, लेकिन चुनाव आयोग (Election Commission) इस मुद्दे पर आँख मूँद कर बैठा है।
चुनाव आयोग पर सवाल, विपक्ष से की मुलाकात
राज ठाकरे ने कहा कि उन्होंने 2016 से ही वोट चोरी का मुद्दा उठाना शुरू कर दिया था। इस सिलसिले में वे शरद पवार, सोनिया गांधी और ममता बनर्जी जैसे विपक्षी नेताओं से भी चर्चा कर चुके हैं। उनका आरोप है कि Election Commission जानबूझकर मामले की जांच नहीं कर रहा क्योंकि ऐसा करने पर पिछले 10 वर्षों की वोट चोरी का पर्दाफाश हो जाएगा।
“हमने पाया कि लोग हमारे उम्मीदवारों के लिए वोट डालते थे, लेकिन वे वोट कहीं और ट्रांसफर हो जाते थे। आखिर यह कैसे संभव है?” ठाकरे ने सवाल उठाया।
कार्यकर्ताओं से की अपील
MNS प्रमुख ने अपने कार्यकर्ताओं से मतदाता सूचियों (Voter List) की सावधानीपूर्वक जांच करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि अगर हर कार्यकर्ता गंभीरता से मतदाता सूची की छानबीन करेगा तो वोट चोरी की हकीकत सामने आ जाएगी।
हार का ठीकरा ‘वोट चोरी’ पर
गौरतलब है कि 2024 में हुए विधानसभा चुनाव में महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना एक भी सीट नहीं जीत सकी थी। राज ठाकरे का कहना है कि इस नतीजे के पीछे भी वोट चोरी ही कारण रही। उनके मुताबिक, “हमारे उम्मीदवारों को जिताने के लिए लोग वोट डालते रहे, लेकिन वे वोट गिनती में कभी दिखे ही नहीं।”
चुनावी गर्माहट बढ़ी
बिहार चुनाव से ठीक पहले ठाकरे के आरोपों ने विपक्ष को नया मुद्दा दे दिया है। पहले से ही राहुल गांधी की वोटर अधिकार यात्रा इस विषय को हवा दे रही है। अब राज ठाकरे का खुला आरोप चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल खड़ा करता है। आने वाले दिनों में यह मुद्दा और गरमा सकता है।










