अमेरिकी सांसद माइकल बॉमगार्टनर का बड़ा बयान, कहा- “दोस्तों से उम्मीदें ज्यादा होती हैं”
नई दिल्ली, 23 अगस्त 2025 — हाल के दिनों में US India Relations को लेकर तनातनी भले ही सुर्खियों में रही हो, लेकिन अमेरिकी सांसद माइकल बॉमगार्टनर का बयान माहौल को थोड़ा नरम करता दिखा। उन्होंने साफ कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का बहुत सम्मान करते हैं और भारत-अमेरिका के रिश्ते कुछ समय की मुश्किलों के बाद और मज़बूत होंगे।
“दोस्तों से ज्यादा उम्मीदें होती हैं”
बॉमगार्टनर ने कहा कि भारत पर लगाए गए भारी टैरिफ को केवल नकारात्मक दृष्टिकोण से नहीं देखना चाहिए। उनके शब्दों में, “कभी-कभी दोस्तों से ज़्यादा उम्मीदें रखनी पड़ती हैं और यही असल में भारत के प्रति सम्मान का संकेत है।” उन्होंने यह भी याद दिलाया कि ट्रंप ने भारत यात्रा का भरपूर आनंद लिया था और मोदी को हमेशा करीबी दोस्त की तरह देखा है।
भारी टैरिफ पर विवाद
हाल ही में अमेरिका ने भारत के निर्यात पर 50% से ज्यादा टैरिफ लगा दिया है, जो अब तक का सबसे ऊंचा स्तर है। यह कदम रूस से भारत की तेल खरीद पर अमेरिका की नाराज़गी का परिणाम माना जा रहा है। भारत ने इस पर तीखी प्रतिक्रिया दी थी और प्रधानमंत्री मोदी ने दो टूक कहा था कि किसानों और मछुआरों के हितों से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। इस विवाद ने US India Relations पर अस्थायी दबाव ज़रूर बढ़ा दिया है।
सैन्य सहयोग और रणनीतिक साझेदारी
बॉमगार्टनर ने दोनों देशों के बीच सैन्य सहयोग को और मजबूत करने पर ज़ोर दिया। उनके मुताबिक, आतंकवाद और क्षेत्रीय चुनौतियों से निपटने के लिए भारत और अमेरिका को एक-दूसरे के साथ खड़े होने की ज़रूरत है। उन्होंने दावा किया कि रिपब्लिकन पार्टी के कई नेता भारतीय कंपनियों और भारतीय समाज का गहरा सम्मान करते हैं।
भारतीय छात्रों की अहमियत
सांसद ने वीज़ा मुद्दे पर भी खुलकर बात की। उनका कहना था कि भारतीय छात्र अमेरिका के लिए बेहद ज़रूरी हैं। वे न केवल अमेरिका की अर्थव्यवस्था को योगदान देते हैं, बल्कि पढ़ाई पूरी करने के बाद भारत लौटकर दोनों देशों के रिश्तों को और मज़बूत बनाते हैं।
निष्कर्ष
हालांकि हाल ही में भारी टैरिफ ने US India Relations को झटका दिया है, लेकिन अमेरिकी सांसद के बयान से यह संकेत मिल रहा है कि दोनों देश अभी भी दीर्घकालीन साझेदारी को अहमियत देते हैं। ट्रंप-मोदी की दोस्ती, रणनीतिक सहयोग और भारतीय छात्रों की अहम भूमिका—ये सभी पहलू यह दिखाते हैं कि अस्थायी मतभेदों के बावजूद भारत-अमेरिका रिश्तों की नींव मजबूत बनी रहेगी।









