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who will be BJP new president: उपराष्ट्रपति चुनाव के बाद बीजेपी अध्यक्ष को लेकर बढ़ी चर्चा

On: August 18, 2025
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who will be BJP new president: उपराष्ट्रपति चुनाव के बाद बीजेपी अध्यक्ष को लेकर बढ़ी चर्चा

नई दिल्ली, 18 अगस्त 2025: भारतीय जनता पार्टी (BJP) में उपराष्ट्रपति पद के लिए सीपी राधाकृष्णन के नाम की घोषणा के बाद अब पार्टी के अगले अध्यक्ष को लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं। सवाल यह है कि बीजेपी संगठन चलाने की क्षमता को प्राथमिकता देगी या फिर क्षेत्रीय और जातीय समीकरणों के आधार पर कोई नया राजनीतिक संदेश देना चाहेगी।

संगठन संभालने की क्षमता पर जोर

पार्टी के वरिष्ठ सूत्रों का कहना है कि अगला अध्यक्ष केवल क्षेत्रीय संतुलन को ध्यान में रखकर नहीं चुना जाएगा, बल्कि संगठन को मज़बूती से संभालने की क्षमता को अहमियत दी जाएगी। हालांकि, राजनीति में प्रतीकात्मक संदेश भी मायने रखते हैं और बीजेपी इस पहलू को नज़रअंदाज़ नहीं कर सकती।

क्या उत्तर भारत से होगा नया अध्यक्ष?

इस समय राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू पूर्व से हैं, उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार सीपी राधाकृष्णन दक्षिण से, और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पश्चिम से आते हैं लेकिन संसद में उत्तर भारत का प्रतिनिधित्व करते हैं। मौजूदा अध्यक्ष जेपी नड्डा भी उत्तर भारत से हैं। ऐसे में यह सवाल उठ रहा है कि क्या पार्टी फिर से उत्तर भारत से ही नया अध्यक्ष चुनेगी या किसी अन्य क्षेत्र से चौंकाने वाला नाम सामने आएगा।

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किन नामों पर हो रही चर्चा

बीजेपी अध्यक्ष पद के लिए कई नेताओं के नाम चर्चा में हैं। इनमें हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर, केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव और उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य प्रमुख हैं। सभी नेताओं का उत्तर भारत से होना इस अटकल को और मज़बूत करता है कि नया अध्यक्ष इसी क्षेत्र से हो सकता है।

जातीय समीकरण का फैक्टर

पार्टी में जातीय संतुलन भी अहम भूमिका निभाता है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू आदिवासी समुदाय से हैं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ओबीसी वर्ग से आते हैं, और उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार सीपी राधाकृष्णन भी ओबीसी समुदाय का प्रतिनिधित्व करते हैं। इस लिहाज से कयास लगाए जा रहे हैं कि बीजेपी का अगला अध्यक्ष सामान्य वर्ग से हो सकता है ताकि राजनीतिक और सामाजिक संतुलन बनाए रखा जा सके।

बीजेपी की परंपरा – चौंकाने वाले फैसले

बीजेपी अपने अप्रत्याशित फैसलों के लिए जानी जाती है। यही वजह है कि राजनीतिक हलकों में यह मानना मुश्किल है कि अंतिम नाम कौन होगा। इतना तय है कि पार्टी ऐसा नेता चुनेगी जो संगठन को विस्तार देने के साथ-साथ राजनीतिक संदेश भी स्पष्ट रूप से दे सके।